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मिल गया रामबाण फॉर्मूला, फसल की तरफ झांकने की जुर्रत नहीं चरेंगे जानवर, तार और बाउंड्री की भी नहीं है जरूरत

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सिमरनजीत सिंह/शाहजहांपुर: खेती किसानी से होने वाली आमदनी को खून पसीने की कमाई कहा जाता है. क्योंकि खेती करना इतना आसान काम नहीं है. खेती में किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. आवारा और जंगली पशुओं से फसल को बचाना किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. किसानों की 6 महीने की मेहनत जंगली जानवर 2 मिनट में बर्बाद कर देते हैं. लेकिन अब किसानों को घबराने की जरूरत नहीं, कृषि एक्सपर्ट का कहना है कि उनके द्वारा बताया हुआ देसी फार्मूला अगर किसान अपना लें तो जानवर उनकी फसल की ओर झांकने की जुर्रत नहीं करेंगे.

कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर में तैनात कृषि एक्सपर्ट डॉ एनपी गुप्ता ने बताया कि किसान नीम की पत्तियां और गोबर से अपनी फसल को जंगली और आवारा जानवरों से बचा सकते हैं. इन तीनों चीजों को मिलाकर घोल बनाया जाता है. जिसका छिड़काव करने से जंगली जानवर फसल की ओर नहीं जाएंगे. किसान घर में चैन की नींद सो सकते हैं.

कैसे बनाएं देसी घोल
डॉ एनपी गुप्ता ने बताया कि 1 किलो नीम की पत्तियों को पीसकर 20 लीटर पानी में मिलाकर उसमें करीब 1 किलो गोबर मिला लें. उसके बाद इस घोल को करीब 10 घंटे के लिए छोड़ दें. बाद में इसको छान कर फसल पर छिड़काव कर दें. अब फसल को जंगली जानवर खाने की हिम्मत नहीं करेंगे इससे नुकसान नहीं होगा.

क्यों अचूक है ये देसी फार्मूला
डॉ एनपी गुप्ता ने बताया कि यह फार्मूला इसलिए कारगर है क्योंकि नीम की पत्तियां कड़वी होती हैं, गोबर से तेज गंध आती है. इस वजह से जानवर फसल को नहीं खाते हैं. नीम की पत्ती के घोल से फसलों पर छिड़काव करने से फसलों में कीट भी नहीं लगते हैं. किसानों की फसल सुरक्षित रहती है और अच्छा उत्पादन मिलता है.

FIRST PUBLISHED : July 1, 2024, 20:23 IST

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