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गुप्त नवरात्रि में इन देवियों की होती है पूजा, कर देती हैं सभी बाधाओं का नाश, काशी के ज्योतिषी से जानें कलश मुहूर्त से लेकर सबकुछ

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अभिषेक जायसवाल/वाराणसी: नवरात्रि का दिन देवी की आराधना के लिए बेहद खास होता है. साल में कुल चार नवरात्रि होती हैं. इनमें 2 प्रत्यक्ष और दो गुप्त नवरात्रि होती हैं. आषाढ़ महीने में भी गुप्त नवरात्रि होती है जिसकी शुरुआत अब होने वाली है. गुप्त नवरात्रि में अलग-अलग देवियों की पूजा होती है. इस नवरात्रि को विशेषकर 10 महाविधाओं की पूजा के लिए खास माना जाता है.

काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्यय ने बताया जी आषाढ़ के गुप्त नवरात्रि में तारा देवी,काली देवी, ललिता देवी, भुनेश्वरी देवी,त्रिपुरा भैरवी देवी, छिन्नमस्तिका देवी, धूमावती देवी, बगलामुखी देवी, मातंगी देवी और कमला देवी के पूजन का विधान है. इन देवियों को तंत्र साधना की देवी कहा जाता है. बता दें कि गुप्त नवरात्रि में देवी की पूजा गुप्त तरीके से की जाती है.

हर तरह के बाधाओं से मिलेगी मुक्ति

धार्मिक मान्यता है कि इन देवियों के दर्शन और पूजन से हर तरह के ऊपरी बाधा और तंत्र बाधा का नाश होता है. इसके अलावा 10 महाविद्याओं को जागृत करने के लिए गुप्त नवरात्रि में इनकी पूजा की जाती है.

6 जुलाई से होगी शुरुआत

इस साल 2024 में आषाढ़ मास के गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 6 जुलाई से होगी और इसका समापन 15 जुलाई को होगा. पंचाग के अनुसार, 6 जुलाई को सुबह 5 बजकर 10 मिनट से 7 बजकर 16 मिनट का समय कलश स्थापना के लिए बेहद शुभ है. उसके बाद अभिजीत मुहूर्त में भी आप गुप्त नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना कर सकते है.

FIRST PUBLISHED : June 24, 2024, 18:30 IST

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