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भारतीय क्रिकेटर पूनम यादव के पास आया एक कॉल, फिर… जमीन हो गई गायब

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आगरा. विश्व में आगरा का नाम रोशन करने वाली अर्जुन अवार्ड विजेता अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेटर पूनम यादव (Cricketer Poonam Yadav) भी भूमाफियाओं के जाल से बच नहीं सकी है. भूमाफियाओं ने उनकी जमीन पर कब्जा किया. जब उन्होंने पुलिस कार्रवाई की तो भू माफियाओं ने तहसील में जमीन के कागजातों में हेरा फेरी कर दी. अंतर्राष्ट्रीय महिला क्रिकेटर पूनम यादव के पिता ने तो लेखपाल से लेकर एसडीएम तक को कटघरे में खड़ा कर दिया है.

अर्जुन अवार्ड प्राप्त पूनम यादव वर्तमान में रेलवे टीम की कप्तान (Captain of Indian Railways Women’s Cricket Team) है. पूनम यादव के पिता रघुवीर में बताया कि फतेहाबाद रोड स्थित कुंडोल पर उन्होंने 2 साल पहले बुंदू कटरा निवासी कपिल यादव से साढ़े आठ सो वर्ग गज का प्लॉट खरीदा था. रजिस्ट्री के बाद लेखपाल से दाखिल खारिज भी कराया गया. आरोप है की होली पर कुछ लोगों ने प्लॉट पर लगे गेट का ताला तोड़कर अपना ताला लगा दिया. इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की. पुलिस ने ताला तोड़कर पूनम के पिता को फिर से कब्जा दिलाया.

इसी साल फरवरी में उनके पास कपिल मित्तल का फोन आया उसने फोन पर कहा कि जमीन खाली कर दो जमीन हमारी है. उन्होंने कहा ऐसा कैसे हो सकता है उसका बेनामा तो उन्होंने 2 साल पहले ही कर लिया था. इसके बाद ऋषि दुबे नाम के व्यक्ति का फोन आया और उसने प्लॉट पर जबरन कब्जा कर लिया. फिर भूपेंद्र लेखपाल का फोन आया और उसने थाना ढोकी बुलाया और कहा कि आपकी जो जमीन है वह आपकी नहीं है बल्कि कपिल मित्तल की है.

पूनम यादव के पिता का कहना है कि जब उन्होंने प्लॉट खरीदा था तो उसकी रजिस्ट्री और उसका दाखिल खारिज सब लेखपाल भूपेंद्र ने कराया था. उसी ने दाखिल खारिज करने के बाद यह जमीन की नापतोल करके उन्हें दी थी. अब वही लेखपाल कह रहा है कि वह जमीन उनकी नहीं है, बल्कि कपिल मित्तल की है बड़ा सवाल यह है कि शायद लेखपाल को जमीन का ज्ञान ही नहीं रहा है इसीलिए तो वह कह रहा है कि उसे इस बारे में कुछ नहीं मालूम था उसने तो कानूनी प्रक्रिया को अंजाम दे दिया.

FIRST PUBLISHED : June 1, 2024, 20:25 IST

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