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संतान प्राप्ति या सरकारी नौकरी, बजरंग बली की ये 100 साल पुरानी मूर्ती पूरी…

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रजत भटृ / गोरखपुर: शहर में यूं तो कई ऐसे मंदिर हैं, जिनका इतिहास काफी पुराना है. ऐसे ही मंदिरों में से एक है हनुमान मंदिर,  जहां मंगलवार को पैर रखने की जगह नहीं मिलती. श्रद्धालु यहां बजरंगबली के दर्शन के लिए आते हैं. मंगलवार और शनिवार को यहां जबरदस्त भीड़ होती हैं.

मंदिर की कहानी बहुत अनोखी है. यहां बजरंगबली 100 साल पहले से विराजमान है. मंदिर की देख रेख करने वाले बाबा श्याम गिरी अपने परिवार के चौथी पीढ़ी के है, जो मंदिर की देखभाल कर रहे हैं. मंगलवार के दिन यहां श्रद्धालुओं की भीड़ ऐसी होती है कि, मंदिर से होते हुए लोगों की लाइन सड़कों तक पहुंच जाती हैं. फिर वहां से लोग बजरंगबली के दर्शन करते हैं.

100 साल पुराना है इस मंदिर का इतिहास
गोरखपुर के जटाशंकर चौराहे पर मौजूद यह हनुमान मंदिर काफी मान्यता वाली मंदिर माना जाता है. मंदिर के अंदर यूं तो कई देवी देवता विराजमान है. लेकिन मुख्य रूप से यहां बजरंगबली की मूर्ति स्थापित है. मंदिर के पुजारी बाबा श्याम गिरी बताते हैं कि, यह उनकी चौथी पीढ़ी है जो इस मंदिर का देखरेख कर रही है. पहले हनुमान जी दीवाल में यहां विराजमान थे. फिर श्रद्धालुओं को दर्शन ना हो पाने की वजह से 50 साल पहले भगवान की मूर्ति को आगे बनाया गया. वह स्ट्रक्चर ऐसा रखा गया कि, सड़क से जाने वाले लोग भी सीधे बजरंगबली के दर्शन कर सके.

क्या है मंदिर की मान्यता
मंदिर में पहुंचने के बाद हमारी मुलाकात बाबा श्याम गिरी से हुई वह बताते हैं कि, मंगलवार के दिन सच्चे मन से मांगी मुराद यहां पूरी होती है, जिस भक्त की मुराद पूरी होती है, वह शनिवार या मंगलवार के दिन मंदिर के बाहर लंगर चलाता है. आगे बाबा बताते हैं कि ऐसा कोई मंगलवार नहीं बितता है कि जिस दिन वहा लंगर नहीं चलता है.  पिछले 50 सालों से भक्तों की मुराद या पूरी हो रही है, जिसके ऐवज में यहां भंडारे का आयोजन किया जाता है.

Tags: Gorakhpur information, Local18

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