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जंगल में भी झोल …फिर कैसे लंगड़ाने लगा बाघ! 2 महीने पहले डाक्टर ने बताया था फिट, वीडियो वायरल

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सृजित अवस्थी/ पीलीभीत: पीलीभीत टाइगर रिजर्व बीते तकरीबन एक साल से अपने बाघों को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है. एक तरफ घंटों तक दीवार पर बैठी रही बाघिन दुनिया भर में चर्चा का विषय बनी थी, तो वहीं बीते 5 महीनों से लगातार एक लंगड़ाते बाघ का वीडियो सामने आ रहा है. हाल ही में किसी पर्यटक इस लंगड़ाते हुए बाघ का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया है. इस वीडियो पर लोग तरह तरह की प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं.

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बीते सालों में बाघों की संख्या अप्रत्याशित रूप से इजाफा देखा गया है. बाघों की बढ़ती मौजूदगी के चलते पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सफारी के दौरान तमाम टाइगर्स के दीदार सैलानियों को होते हैं. बीते साल दिसंबर महीने में एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था. इसमें एक टाइगर सड़क पर लंगड़ाकर चलता नजर आ रहा था. यह वीडियो माधोटांडा-खटीमा मार्ग का बताया गया था.

क्या सही से हुई थी जांच?
मामले की पुष्टि करते हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के तत्कालीन उपनिदेशक ने इस बाघ की निगरानी के लिए PTR के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. गंगवार, बायोलॉजिस्ट लवप्रीत लाहौरिया व महोफ रेंजर सहेंद्र यादव के नेतृत्व में एक निगरानी समिति गठित की थी. वहीं, बाघ की निगरानी के लिए कुछ कैमरा ट्रैप भी लगाए गए थे. समिति ने बाघ के स्वास्थ्य को सामान्य मानते हुए अपनी रिपोर्ट तत्कालीन उपनिदेशक को सौंप दी थी. उसके बाद से ही मामला ठंडे बस्ते में चला गया था. हालांकि 5 महीने बाद अब ये सवाल उठने लगा है कि क्या जांच रिपोर्ट सही थी या क्या सही से जांच हुई थी.

5 महीने बाद फिर सामने आया वीडियो
आपको बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब लंगड़ा कर चलते बाघ का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया हो. इस टाइगर के तमाम वीडियो दिसंबर से लगातार सामने आ रहे हैं. लेकिन पूरे मामले में विभागीय लापरवाही देखी गई है. हाल ही में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सफारी के दौरान किसी पर्यटक ने इस बाघ का वीडियो अपने कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया. इस वीडियो को वन्यजीव प्रेमी व उत्तराखंड स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड के पूर्व सदस्य कोशलेंद्र सिंह ने भी शेयर किया है. कौशलेंद्र का कहना है कि बाघ को इस परिस्थिति में देख मन काफी दुखी है. पूरे मामले में वन मंत्री समेत तमाम जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीरता दिखानी चाहिए.

बाघ पर मंडरा रहे ये 3 खतरे
लंगड़ा कर चल रहे बाघ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ वनजीवन पत्रकार केशव अग्रवाल ने बताया कि पिछले वीडियो और हाल ही में सामने आए वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि इस बाघ के स्वास्थ्य में गिरावट आई है. ऐसे में इस बाघ पर 3 प्रकार के खतरे मंडरा रहे हैं. पहला शिकार न कर पाने के चलते भूख के कारण इसकी मौत हो सकती है. वहीं बाघ, तेंदुए जैसे अन्य हिंसक वन्यजीवों से आपसी संघर्ष की आशंका बढ़ जाती हैं. वहीं इसके आदमखोर बनने की भी आशंका बढ़ जाती है. जिम्मेदारों को जल्द से जल्द इस विषय में उचित कदम उठाना चाहिए.

उच्चाधिकारियों के निर्देश का इंतजार
पूरे मामले पर अधिक जानकारी देते हुए पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के उप निदेशक मनीष सिंह ने बताया कि पूरी परिस्थिति को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है. उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलते ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.

Tags: Local18, Pilibhit information, Uttar Pradesh News Hindi

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