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बसीरहाट के संदेशखाली का संदेश पूरे देश में पहुंचाना चाहती है भाजपा, क्या होगा इसका असर?

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पश्चिम बंगाल को उत्तर 24 परगना जिले का एक छोटा सा गांव संदेशखाली पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया. यह संदेशखाली जिस लोकसभा सीट में आता है वहां से भाजपा अपनी प्रत्याशी के ज़रिए सिर्फ बंगाल ही नहीं पूरे देश को संदेश देना चाहती है. पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रत्याशियों की सूची में सबसे बड़ा सरप्राइज़ इस बार बशीरहाट की प्रत्याशी रेखा पात्रा हैं. एक अति साधारण गरीब परिवार की बहू रेखा पात्रा ने इतिहास रच दिया है. रेखा पात्रा वो महिला हैं जिन्होंने सबसे पहले संदेशखाली के मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. पात्रा इसलिए सुर्खियों में आयीं क्योंकि बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र में ही बहुचर्चित संदेशखाली इलाका पड़ता है, जहां पर महिलाओं ने शेख़ शाहजहां और उसके साथियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे.

रेखा पात्रा को टिकट मिलने के बाद बशीरहाट में गुमनाम पोस्टरों के साथ कुछ महिलाओं ने उनकी उम्मीदवारी का विरोध भी किया था. रेखा पात्रा की उम्मीदवारी की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ख़ुद उन्हें फोन भी किया था जहां उन्हें रेखा पात्रा को ‘शक्ति स्वरूपा’ बताया, जवाब में रेखा पात्रा ने प्रधानमंत्री की तुलना भगवान राम से कर दी. रेखा पात्रा ने पीएम से कहा कि पीएम मोदी ने मुझे जो जिम्मेदारी दी है मैं उसे पूरा करूंगी.

फिलहाल बशीरहाट से टीएमसी की सांसद अभिनेत्री नुसरत जहां हैं जिन्हें संदेशखाली की घटना के दौरान बहुत नाराज़गी का सामना करना पड़ा था. संदेशखाली की घटना के दौरान जब महिलाएं बड़ी संख्या में बाहर आकर गंभीर आरोप लगा रही थीं तब नुसरत जहां अपने पुरुष मित्र और अभिनेता यश के साथ हुगली नदी में नौका विहार कर वैलेंटाइन डे मना रही थीं और उसकी तस्वीर भी सोशल मीडिया पर भी डाली थीं, जिसके बाद उन्हें बहुत गुस्से का सामना करना पड़ा था.

TMC ने नुसरत जहां का टिकट काटा
शायद यही कारण है कि टीएमसी ने इस बार नुसरत जहां का टिकट काट कर उनके पहले सांसद रहे नूरुल इस्लाम पर भरोसा जताया है. 2021 के लोकसभा चुनाव में बशीरहाट की सातों विधानसभा सीटों पर मिलाकर भाजपा का वोट शेयर 28.6 प्रतिशत था जबकि टीएमसी का वोट शेयर 53.7 प्रतिशत था. उसके पहले 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 30.3 प्रतिशत था और टीएमसी का 54.9 प्रतिशत रहा है.

बशीरहाट में 25 प्रतिशत से अधिक मुसलमान वोटर हैं जबकि एससी एसटी वोटर भी करीब 25 (एससी 21.7 और एसटी 2.6) प्रतिशत हैं. संदेशखाली का पूरा आंदोलन एसटी महिलाओं ने ही शुरू किया था. फिलहाल रेखा पात्रा ने चुनाव प्रचार पर पूरा ध्यान देने के लिए अपनी बेटियों को किसी रिश्तेदार के पास रहने भेज दिया है. रेखा के पति जो दिहाड़ी मज़दूर हैं वो भी प्रचार करने के लिए वापस लौट आये हैं.

क्या है संदेशखाली की घटना?
5 जनवरी को ईडी राशन भर्ती घोटाला मामले में छापा मारने के लिए संदेशखाली में स्थित शेख शाहजहां के घर गयी थी जब भीड़ ने ईडी की टीम पर हमला कर दिया था. इसमें ईडी के तीन अधिकारी सहित उनके साथ गए केन्द्रीय बलों के जवानों को भी चोटें आयी थीं. इसके बाद से शाहजहां फरार था, इसी दौरान 8 फरवरी को रेखा पात्रा सहित क्षेत्र की महिलाओं ने सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था. अन्य महिलाओं ने स्थानीय टीएमसी नेता शाहजहां सहित अन्य पर यौन उत्पीड़न, मारपीट और जामीन कब्जा करने का आरोप लगाया था जिसके बाद मामले ने ऐसा उबाल पकड़ की आज भी भाजपा के लिए संदेशखाली बड़ा मुद्दा बना है. बशीरहाट में 1 जून को मतदान होगा.

Tags: Loksabha Election 2024, Loksabha Elections

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