PRAYAGRAJ EXPRESS
News Portal

तंबाकू, लहसुन और हरी मिर्च का ये मिश्रण है अचूक कीटनाशक! फसलों में नहीं लगेंगे कीट

59

सिमरनजीत सिंह/शाहजहांपुर : देसी लहसुन और हरी मिर्च का इस्तेमाल आमतौर पर रसोई में किया जाता है. लेकिन इनके साथ अगर कुछ और चीजों को मिला लिया जाए तो यह जैविक कीटनाशक बन जाता है. जिसका इस्तेमाल खेती में किया जा सकता है. तैयार हुए इस जैविक उत्पाद को अग्नि अश्त्र कहते हैं. इसका इस्तेमाल करने से फलदार पौधे और सब्जियों में कीट नहीं लगते. यह उत्पाद बेहद सस्ता और कारगर साबित होता है.

कृषि विज्ञान केंद्र नियामतपुर के वैज्ञानिक डॉ. एनपी गुप्ता ने बताया कि गौमूत्र , तंबाकू , स्थानीय पौधों के पत्ते, तीखी हरी मिर्च की चटनी और देसी लहसुन की चटनी के साथ जैविक कीटनाशक तैयार किया जा सकता है. इसका इस्तेमाल करने से फलों और सब्जियों की पौष्टिकता बरकरार रहेगी. मिट्टी की सेहत भी बेहतर होगी और किसानों को अच्छा उत्पादन मिलेगा.

अग्नि अस्त्र तैयार करने की विधि
डॉ. एनपी गुप्ता ने बताया कि अग्नि अस्त्र बनाने के लिए 500 ग्राम हरी मिर्च की चटनी, 250 ग्राम देसी लहसुन की चटनी, 500 ग्राम तंबाकू पाउडर, 20 लीटर गौमूत्र और करीब 5 किलो ग्राम स्थानीय पौधों के पत्तों की आवश्यकता होती है. डॉ एनपी गुप्ता ने बताया कि इस पूरी सामग्री को एक बड़े बर्तन में लेकर धीमी आंच पर गर्म करें. एक उबाल आने के बाद इसको नीचे उतार लें. फिर इसको 48 घंटे के लिए छाया में रखकर सुबह शाम लकड़ी से घड़ी की सुई की दिशा में दो से तीन मिनट तक चलाते रहें. उसके बाद यह अग्नि अस्त्र बनकर तैयार हो जाएगा.

अग्नि अस्त्र का ऐसे करें प्रयोग
डॉ. एनपी गुप्ता ने बताया कि तैयार किए हुए अग्नि अस्त्र को महीन सूती कपड़े से छान लें. उसके बाद तैयार मिश्रण के 6 से 8 लीटर घोल को 200 लीटर पानी में मिलाकर फलों और सब्ज़ियों के पौधों पर छिड़काव कर सकते हैं. इस प्रकार फसलों में कीट नहीं लगेंगे. फसल की पौष्टिकता बरकरार रहेगी. किसानों को अच्छा उत्पादन मिलेगा. अग्नि अस्त्र को 3 महीने तक इस्तेमाल किया जा सकता है.

Tags: Agriculture, Local18, Saharanpur information, Uttar Pradesh News Hindi

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More