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अस्पतालों के भ्रष्ट सिस्टम का हुए शिकार… यूट्यूब चैनल ने दी नई जिंदगी, जीत ली

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विशाल झा/गाज़ियाबाद: यूट्यूब पर आप भी अपने पसंदीदा वीडियो को देखते होंगे. लेकिन क्या यूट्यूब चैनल किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज की जान भी बचा सकता है? जी हां ऐसा बिल्कुल हो सकता है. इटावा के 22 साल के छात्र दीपक को यूट्यूब के कारण ही नई जिंदगी मिली है. दीपक के उल्टे कान में इन्फेक्शन था जिस कारण से उनको काफी परेशानी रहती थी. इस समस्या को मेडिकल लैंग्वेज में कोलेस्टेटोमा (cholesteatoma ) बोलते है. ये दिमाग़ में जाकर एक ट्यूमर का रूप ले लेता है. इसक अगर समय रहते इलाज न किया जाए या मरीज का ऑपरेशन ना हो तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है. इस समस्या में अगर मरीज के ब्रेन की झिल्ली में सूजन आती है जिसे मेनिनजाइटिस कहा जाता है तो ये जान ले सकती है.

दीपक का इलाज करने वाले डॉ. बीपी त्यागी ने बताया कि यह मरीज जो गरीब परिवार से है और यूट्यूब चैनल पर मेरे मुफ्त इलाज की वीडियो देख कर आया था. इस बच्चे के पास सिटी-स्कैन के पैसे नहीं थे. ऐसे में पहले तो जिला एमएमजी अस्पताल के ईएनटी के डॉक्टर ने लापरवाही की और हल्की दवाई लिखी. जब दीपक फिर भी जिद करके सिटी-स्कैन कराने गया तो मुफ्त टेस्ट होने के बावजूद भी वहां मौजूद स्टाफ ने 400 रुपये की मांग रखी. जिसके बाद जैसे-तैसे मरीज ने पैसे जुटाए थे. वहीं, हमारे अस्पताल में मरीज की सर्जरी मुफ्त की गयी है उसमें 80 हजार से एक लाख तक का खर्च आता है.

जल्द होंगे डिस्चार्ज
मरीज दीपक ने बोला की वो 22 साल का है और पढ़ाई करता है. इस अस्पताल में मुफ्त ऑपरेशन हुआ और अब बहुत अच्छा लग रहा है. अब जल्द ही डिस्चार्ज भी किया जाएगा. ये समस्या तीन-चार साल पुरानी थी. कई बार कानों से पानी भी आ जाता था. हाल-फिलहाल में समस्या बहुत ज्यादा बढ़ गयी थी इसलिए इलाज करवाना पड़ा.

Tags: Ghaziabad News, Health, Local18, UP information

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