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ज्ञानवापी पर बढ़ी तकरार! परिक्रमा पर अड़े शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, पुलिस ने मठ को घेरा

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अभिषेक जायसवाल/वाराणसी: वाराणसी में ज्ञानवापी का मुद्दा गर्म है. एएसआई की सर्वे रिपोर्ट सामने आने के बाद ज्ञानवापी में मंदिर होने के 32 सबूत भी होने का दावा किया जा रहा है. इस दावे के बीच ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ज्ञानवापी परिक्रमा का ऐलान किया था. इसके लिए सोमवार को दोपहर 3 बजे जैसे ही वो मठ से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे तभी पुलिस ने उन्हें वहीं रोक दिया. इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत,बटुक और उनके अनुयायी भी वहां मौजूद रहे.

पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ज्ञानवापी परिक्रमा के लिए कोई भी अनुमति नहीं ली थी जिसके कारण उन्हें रोका गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि पुलिस ने धारा 144 का हवाला देकर उन्हें मठ से बाहर ही निकलने नहीं दिया.

ASI की रिपोर्ट से सच आया सामने
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि अब तो एएसआई के 839 पन्ने की रिपोर्ट में भी वहां मंदिर होने के साक्ष्य मिले है. इसके अलावा आंखों से देखकर भी कोई भी यह कह सकता है कि ज्ञानवापी कोई मस्जिद नहीं बल्कि पुरातन हिंदू मंदिर है.

कोर्ट में पूजा की अनुमति के लिए अपील
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि वहां देव विग्रह मिले है. ज्ञानवापी में सालों से पूजा अर्चना नहीं हो रही है. कोर्ट में भी इसके लिए हमलोगों ने अपील की है जिसपर सुनवाई हो रही है.

सुबह से ही पुलिस ने डाला था डेरा
बताते चलें कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पहले ही ज्ञानवापी के परिक्रमा का ऐलान किया था. जिसके मद्देनजर सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती उनके मठ के बाहर की गई थी. इसके अलावा गोदौलिया और काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर भी कड़े सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे.

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