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इस चावल के नाम से आती है राजा जैसी फीलिंग… स्वाद और सुगंध की दीवानी है दुनिया

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सौरभ वर्मा/रायबरेली : खाने में चावल का नाम सुनते ही लोग बड़े उतावले हो जाते हैं क्योंकि चावल हर किसी को पसंद होता है. लेकिन अगर कहीं बादशाह पसंद चावल मिल जाए तो क्या कहने, लोग बड़े चाव से इसे खाना पसंद करते हैं. रायबरेली जनपद के ग्रामीण में बड़े पैमाने पर बादशाह पसंद चावल की खेती की जाती है. इसका स्वाद ऐसा होता है कि जो इसे एक बार खाता है वह इसका दीवाना हो जाता है. इसीलिए बाजारों में इसकी मांग भी खूब रहती है.

बादशाह पसंद चावल की खेती करने वाले किसान रोशन वर्मा बताते हैं कि यह चावल आम चावल से बेहद छोटा होता है और खाने में भी काफी स्वादिष्ट होता है . इस चावल में अच्छा सुगंध भी होता है. यह साधारण धान की अपेक्षा तैयार होने में भी काफी ज्यादा समय लेता है. इसीलिए कम ही लोग इसकी खेती करते हैं लेकिन बाजारों में इसकी खूब मांग रहती है. इसीलिए यह सामान्य चावल से ज्यादा महंगा बिकता है.

130-150 दिन में तैयार होता है ये धान
दरअसल, यह बादशाह पसंद धान 130 से 150 दिन में तैयार होता है.जबकि साधारण धान 90 से 120 दिन में तैयार होती है इसीलिए ज्यादातर लोग इसकी खेती नहीं करते परंतु जो लोग इसकी खेती करते हैं वह इससे ज्यादा मुनाफा भी कमाते हैं. बादशाह पसंद धान 9-10 हजार रूपए प्रति क्विंटल की दर से तो वहीं इसका चावल 120 से 150 रुपए प्रति किलो की दर से बिकता है. एक एकड़ खेत में 12 से 15 क्विंटल की दर से बादशाह पसंद धान का उत्पादन होता है.

राजा-महाराजाओं की पहली पसंद
रायबरेली के शिवगढ़ क्षेत्र के केशरखेड़ा गांव प्रगतिशील किसान रोशन वर्मा बताते हैं कि बादशाह पसंद बहुत प्रसिद्ध चावल है. हमारे पूर्वज बताते थे कि यह चावल राजा महाराजाओं की पहली पसंद हुआ करता था. इसीलिए इसका नाम बादशाह पसंद पड़ा, जिससे लोग खूब पसंद करते हैं क्योंकि यह खाने में सुगंधित होने के साथ ही आम चावल से ज्यादा खुशबूदार होता है. वह बताते हैं की वह लगभग 2 एकड़ जमीन पर इसी की खेती करते हैं.

Tags: Local18, Rae Bareli News, Uttar Pradesh News Hindi

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