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Republic Day Particular: 1956 से यूपी के इस विश्वविद्यालय में है सविधान की मूल प्रति! देखें वीडियो

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अंजलि सिंह राजपूत/लखनऊ: 26 नवंबर 1949‌ यह वही तारीख है जब हमारे आजाद भारत का संविधान बनकर तैयार हुआ था. वही संविधान जो भारतीय नागरिकों को सिर उठाकर जीने का अधिकार देता है. खास बात यह है कि भारतीय संविधान के निर्माण के समय उसकी 8 मूल प्रतियां तैयार हुई थीं. जिसकी एक कॉपी वर्तमान में लखनऊ विश्वविद्यालय की टैगोर लाइब्रेरी में भी रखी हुई है.

आपको बताते चलें कि 26 जनवरी 1950 को जब भारतीय संविधान लागू हुआ था . 1956 में देश के लखनऊ विश्वविद्यालय में संविधान की 8 मूल प्रतियों में एक कॉपी भेजी गई थी.संविधान की इस प्रति में उन सभी सदस्यों के हस्ताक्षर हैं, जो संविधान समिति में थे. इनमें संविधान ड्राफ्ट कमेटी के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर, संविधान निर्माण समिति के अस्थायी अध्यक्ष डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा के साथ ही डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पं. जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभ भाई पटेल, कन्हैया लाल मुंशी, सी राजगोपालाचारी, सरोजनी नायडू, बिजयलक्ष्मी पंडित, दुर्गाबाई देशमुख आदि के नाम शामिल हैं.

पार्लियामेंट ने भेजा था लखनऊ
संसद ने लखनऊ विश्वविद्यालय को भी 1956 में एक मूल प्रति दी थी जो आज भी यहां पर मौजूद है. टैगोर लाइब्रेरी में रखी हुई संविधान की यह कॉपी हमेशा से ही सेंटर ऑफ अट्रैक्शन रही है और जो भी यहां आता है संविधान की इस कॉपी को देखे बिना नहीं जाता है. हम आज आपको यह इसलिए बता रहे हैं क्योंकि कल यानी शुक्रवार को 26 जनवरी गणतंत्र दिवस है.

16 इंच चौड़ी और 22 इंच लंबी है सविधान की मूल प्रति
भारतीय संविधान की मूल प्रति 16 इंच चौड़ी और 22 इंच लंबी है. इसमें 251 पेज है और इसके निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को माना जाता है. भारतीय संविधान को बनाने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन का वक्त लग गया था. लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक राय ने बताया कि टैगोर लाइब्रेरी में रखी हुई भारतीय संविधान की मूल प्रति हमेशा से ही छात्र-छात्राओं के बीच में आकर्षण का केंद्र रही है. 26 नवंबर 1949 को जब इसे असेंबली में पेश किया गया था तो असेंबली के 284 सदस्यों ने इस पर अपने हस्ताक्षर किए थे. सबसे खास बात यह है कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इसके एक-एक पन्ने को सजाने का काम आधुनिक कलाकार और आर्टिस्ट नंदलाल बोस को सौंपा था. साथ ही प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने भारतीय संविधान को सुलेखित किया था.

Tags: Local18, Lucknow information, Uttar Pradesh News Hindi

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