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यूपी में लव जिहाद पर 10 साल की सजा का प्रावधान, सरकार ने 4 दिन में गृह विभाग के प्रस्ताव काे मंजूरी दी

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Prayagr Express उत्तर प्रदेश में अब धर्म छिपाकर शादी करना जुर्म होगा। मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट ने लव जिहाद के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश-2020 को हरी झंडी दे दी। 20 नवंबर को गृह विभाग ने न्याय व विधि विभाग को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया था। प्रस्ताव के मुताबिक, गैर जमानती धाराओं में केस दर्ज होगा और दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की सख्त सजा हो सकती है।

इसी के साथ उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने लव जिहाद के खिलाफ कानून को मंजूरी दी है। UP के अलावा मध्य प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में भी लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाए जाने की तैयारी चल रही है।

यूपी के लॉ कमीशन के चीफ आदित्यनाथ मित्तल ने बताया कि भारतीय संविधान ने धार्मिक स्वतंत्रता दी है, लेकिन कुछ एजेंसियां इसका गलत इस्तेमाल कर रही हैं। वे धर्म परिवर्तन के लिए लोगों को शादी, नौकरी और लाइफ स्टाइल का लालच देती हैं। हमने इस मसले पर 2019 में ही ड्राफ्ट सौंप दिया था। इसमें अब तक 3 बार बदलाव किए गए हैं। आखिरी बदलाव में हमने सजा का प्रावधान जोड़ा है।

अध्यादेश के प्रमुख बिंदु

  • गुमराह करके, झूठ बोलकर, प्रलोभन देकर बलपूर्वक, छल-कपट तरीके से या विवाह द्वारा एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तन कराया गया हो।
  • दोष साबित होने पर कम से कम एक वर्ष, अधिकतम पांच साल की सजा होगी, 15 हजार रुपए जुर्माना भी लगेगा।
  • नाबालिग महिला (लड़की) जो कि SC/ST जाति में आती है, उसका जबरन या झूठ बोलकर धर्म परिवर्तन कराने पर कानून उल्लंघन माना जाएगा। जिसमें कम से कम 3 वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष की सजा हो सकती है। जिसमें जुर्माना 25 हजार होगा।
  • सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामले में 3 वर्ष से कम नहीं और दस साल तक की सजा हो सकती है। जिसमें जुर्माने की राशि 50 हजार तक होगी।
  • धर्म परिवर्तन के इच्छुक को जनपद के DM को दो माह पूर्व सूचना देनी होगी। ऐसा न करने पर 6 माह से 3 वर्ष तक की सजा हो सकती है। जिसमें जुर्माने की राशि 10 हजार रहेगी।

धर्म परिवर्तन के लिए की जा रही शादियां भी दायरे में

ड्राफ्ट के मुताबिक, धर्मांतरण के मामले में अगर माता-पिता, भाई-बहन या अन्य ब्लड रिलेशन कोई शिकायत करता है तो उनकी शिकायत पर कार्रवाई की शुरुआत की जा सकती है। धर्मांतरण के लिए दोषी पाए जाने पर एक साल से लेकर 10 साल तक की सजा दी जा सकती है। शादी कराने वाले पंडित या मौलवी को उस धर्म का पूरा ज्ञान होना आवश्यक है। लव जिहाद जैसे मामलों में सहयोग करने वालों को भी मुख्य आरोपी बनाया जाएगा और दोषी पाए जाने पर सजा होगी।

हाईकोर्ट ने सोमवार को दिया था अहम फैसला

उत्तरप्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की योगी सरकार की कोशिशों को झटका लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धर्म बदलकर शादी करने के एक मामले में सुनवाई के दौरान कहा कि किसी को भी अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने का अधिकार है, चाहे वह किसी भी धर्म को मानने वाला हो। यह उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मूल तत्व है। दो लोग अगर राजी-खुशी से एक साथ रह रहे हैं तो इस पर किसी को आपत्ति लेने का हक नहीं है। कोर्ट के इस फैसले के साथ ही योगी सरकार के लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारियों को झटका लग सकता है। यह आदेश जस्टिस पंकज नकवी और जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने कुशीनगर के सलामत अंसारी और प्रियंका खरवार उर्फ ​​आलिया की याचिका पर दिया है।

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