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क्या यही है मोदी के आत्म निर्भर भारत की तस्वीर?

पूर्वांचल दलित अधिकार मंच (पदम) ने मोदी सरकार पर बोला हल्ला।

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प्रयागराज। किसानों की बर्बादी का कृषि बिल जो संसद के दोनों सदनों से पास हो गया को लेकर भाजपा और आरएसएस पर किसान विरोधी मोदी सरकार अपने कार्यकाल के समाप्त होने से पूर्व देश को पूंजीपतियों के हाथों बेच देना चाहती है क्योंकि मोदी सरकार देश के कल-कारखाने, उद्योग-धंधे, रेल, हवाई यातायात व अर्थ व्यवस्था को बर्बाद करने के बाद अब कृषि और किसान को बर्बाद करने के लिए नया कृषि बिल पास कर लिया है। यह आरोप पूर्वांचल दलित अधिकार मंच (पदम) के संस्थापक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रामबृज गौतम ने लगाए हैं।

रामबृज गौतम (पदम)

गौतम का कहना है कि एक ओर जहां पहले बिल के अनुसार अब किसान कृषि उत्पाद विपड़न समिति के नियंत्रण में संचालित मंडियों के बाहर अपने उत्पाद बेच सकता है। परिणाम यह होगा कि बड़ी-बड़ी कंपनिया उसके उत्पाद आने-पौने दाम में खरीद लेंगे तो वहीं दूसरे ओर कृषि बिल के अंतर्गत कॉरपोरेट घराने किसान की कृषि भूमि पांच वर्ष के लिए लीज पर लेकर कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग करेंगे और इस पर कोई विवाद होने पर किसान न्यायालय नहीं जा सकता। इसका फैसला एसडीएम और डीएम करेंगे। परिणाम स्वरूप प्रभावशाली कॉरपोरेट घराने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने पक्ष में फैसला कराने में सफल होंगे। इसका हस्र वही होगा जो ब्रिटिश हुकूमत में नील की खेती करने वाले किसानों की हुई थी जिसमें अन्न की कमी और बद-इंतजामी की वज़ह से देश को दो-दो अकाल झेलने पड़े थे जिसमें लाखों स्त्री-पुरुष ने अपनी जान गवाई थी। गांव के खेतिहर मजदूरों और लघु सीमांत किसानों की मजदूरी बड़ी मशीनों के कारण मारी जाएगी तो वहीं आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन कर कॉरपोरेट घरानों और बड़े व्यापारियों को किसी भी मात्रा में खाद्यान्न रखने की छूट दी गई है जो जमाखोरी कर खाद्यान को बेतहाशा दामों पर बेचेंगे जिससे देश में भुखमरी पैदा होगी। कॉरपोरेट घराने और धनी होंगे तथा किसान और विपन्न होंगे जिससे किसानों की आत्महत्या की घटनाओं में बेशुमार वृद्धि होगी।

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