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50 से ज्यादा महामंडलेश्वर ने निकालेे हाथी, घोड़े संग रथ

अखाड़ो के आचार्य महामंदेलेश्वर श्री महंत महंत कोतवाल कोठारी साधू नागा सन्यासी आकर्षण का केंद्र रहे

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प्रयागराज। कुंभ मेला क्षेत्र में चार अखाड़ों के प्रवेश के बाद आज पंचायती निरंजनी अखाड़े ने मेला क्षेत्र में पेशवाई की। सनातन परंपरा के 13 अखाड़ो में से एक निरंजनी अखाड़े ने आज कुंम्भ मेले क्षेत्र में प्रवेश किया। कुछ दिन पहले जूना अग्नि आवाहन और महानिर्माणि अखाड़ों की भी पेशवाई हुई थी। निरंजनी अखाड़े की पेशवाई बाघम्बरी गद्दी से प्रारंभ होकर भारतीय स्टेट बैंक किदवई नगर से रामलीला पार्क से होते हुए बजरंग चौराहा अलोपीबाग मंदिर से होकर बेनी बांध क्षेत्र से होते हुए संगम होकर कुंम्भ मेले में प्रवेश की।

इस दौरान करीब दर्जन से भी अधिक बैंड और ढोल ताशो के संग पालकी पर अखाड़ो के इष्टदेव ने अगवाई की। सोने चांदी के सिहासनो पर अखाड़ो के आचार्य महामंदेलेश्वर महामंडलेश्वर श्री महंत महंत कोतवाल कोठारी साधू नागा सन्यासी बैठे हाथी घोड़ा , आकर्षण का केंद्र रहे। पूरे देश से आये नागा साधु पेशवाई के दौरान हरहर महादेव के जयकारों के साथ पेशवाई यात्रा मे चलते रहे ।इस दौरान भारी संख्या में स्थानीय लोगो की भीड़ पेशवाई को देखने के लिए मौजूद रही। निरंजनी अखाड़े की अगुवाई अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी महाराज ने की बता दें कि महंत नरेंद्र गिरि महाराज निरंजनी अखाड़े के सचिव हैं भव्य शोभायात्रा में पांच हाथी,दर्जन भर घोड़े और ऊंट और 50 से ज्यादा महामंडलेश्वर का रथ निकला।पेशवाई में इष्टदेव भगवान दत्तात्रेय के सिंहासन के साथ निरंजनी के पंच परमेश्वर के साथ 5000 साधु संत और नागा संतो का डेरा संगम की रेती पर आज पहुंचा।

प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर जगह जगह आरएएफए सीआरपीएफ समेत स्थानीय एवं अन्य जनपद से आई पुलिस को तैनात किया था। आज की शाही पेशवाई के बाद संगम पर महंत अपने.अपने शिविर में रहकर एक माह तक भजन.कीर्तन में लीन रहेंगे। अखाड़े की पेशवाई को देखकर स्थानीय लोगो ने साधु संतों से आशीर्वाद लिया। अखाडा परिषद के अध्यक्ष ने कहा की आज से अखाड़े की सभी गतिविधियाँ यहाँ से संचालित होगीं

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